Monday, April 24, 2017

4 कारणों से जानें घर में क्‍यों जरूरी है किचन गार्डन

घर में बनाया गया किचन गार्डन आपकी सेहत के लिए तो फायदेमंद होता ही है साथ ही आपकी जेब को भी ढीला होने से बचाता है, इसके दूसरे फायदों के बारे में जानने के लिए क्लिक करें।

किचन गार्डन के फायदे

बागवानी के शौकीन लोग अक्सर घरों में जगह के अनुसार छोटा-बड़ा किचन गार्डन बनाते हैं। पर क्या आपको मालून है कि घर में किचन गार्डेन बनाने के फायदे क्या हैं। घर में किचन गार्डन का होना ना सिर्फ आपको प्रकृति के करीब लाता है। ये आपके बजट और सेहत के लिए फायदेमंद भी है। छोटी मोटी बीमारियों के लिए हर्ब आदि भी इसी में उगायें जा सकते हैं। घर में किचेन गार्डन बानने के फायदों के बारें में इस स्लाइडशो में पढ़ें।

सेहत और बजट के लिए अच्छा

महंगी सब्जियों की मार से आप  किचन गार्डन के जरिये बच सकते हैं। किचन गार्डन की सब्जियों से एक फायदा यह भी होगा कि कीटनाशकों के प्रदूषण से मुक्त स्वास्थ्यवर्धक सब्जियां आपको घर पर ही मिलने लगेंगी।किचेन गार्डन में उगी सब्जियों को बनाने से आपका बजट मेंटेंन रहता है। ये सब्जियां अच्‍छी और सस्‍ती होते हैं। आप मन मुताबिक समय पर उन्‍हे तोड़कर बना सकते हैं। आजकल बाजार में पेस्टिसाइड पड़ी हुई सब्जियां व साग मिलता है, लेकिन घर पर उगी हुई सब्‍जी, सही होती है।


बढ़ायें सकारात्मकता

घर में किचन गार्डन होने पर आप अपना बागवानी करने का शौक भी आसानी से पूरा कर सकते है। बागवानी करने से आपमें सकारात्‍मक परिवर्तन आ जाता है। आप खुद की केयर करना भी शुरू कर देते हैं। पौधे की देखभाल करने में आपको संतुष्टि मिलती है जिससे आपका स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा हो जाता है। बागवानी करने से तनाव कम होता है। आपका दिमाग उसी में लगा रहता है जिससे आप इधर उधर की बातें सोच नहीं पाते हैं।


ताजे हर्ब मिलना

घर पर तुलसी, धनिया और पुदिना जैसी चीजें उगाएं। इन्‍हे खाएं, जिससे आपको कई रोगों में आराम मिलेगा। बुखार, अस्‍थमा, फेंफड़ों के रोगों आदि में ये फायदा करती हैं। तुलसी के पत्‍ते हों या मीठे नीम की पत्तियों, घर में किचने गार्डन होने पर आपको ये आसानी से मिल जाते हैं। आपको इन छोटी-छोटी हर्ब के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता है।किचेन गार्डन होने पर आपकेा मालूम रहता है कि आप क्‍या खा रहे हैं। 


कीड़ों से मुक्ति

हर्ब उगाने के अलावा घर में किचन गार्डन होने से  कीट आदि कम पैदा होते हैं क्‍योंकि खाली जगह का सदुपयोग हो जाता है। साथ ही कुछ विशेष प्रकार के पौधे, कीटों को भागने में सक्षम होते हैं, जैसे- गेंदे के पौधे को हर 3 हर्ब के बाद लगाने से हर्ब अच्‍छी बनी रहती हैं। पेड़ छोटे हों या बड़े, इनकी देखभाल की बहुत जरूरत होती है। इन पर आपके प्यार और स्नेह का भी असर होता है। अतः प्रकृति के साथ संवेदात्मक और प्यारभरा रिश्ता बनाए रखिए।

स्वस्थ सेहत का राज हैं ये इंडियन फूड

डॉक्टर सिमरन सैनी भी कहती हैं कि ये फूड्स केवल स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि सेहतमंद भी हैं। आइए जानते हैं डॉक्टर सिमरन का इन फूड्स के बारे में क्या कहना है।

बेस्ट इंडियन फूड

आज के समय में युवाओं को विदेशी कल्चर के साथ ही विदेशी फूड भी काफी पसंद आ रहे हैं। जबकि सच यह है कि जो स्वाद और मजा हमारे भारतीय फूड में है, वो और किसी में नहीं है। आज हम आपको 6 ऐसे इंडियन फूड्स बता रहे हैं जिन्हें आपको अपनी डाइट में जरूर शामिल करने चाहिए। डॉक्टर सिमरन सैनी भी कहती हैं कि ये फूड्स केवल स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि सेहतमंद भी हैं। आइए जानते हैं डॉक्टर सिमरन का इन फूड्स के बारे में क्या कहना है।

उड़द की दाल

उड़द की दाल में प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं। उड़द की दाल का सेवन हमें कई तरह की बीमारियों से बचाता है। जिन लोगों को अधिक मल-मूल आता है, बवासीर, गठिया, लकवा पाचन संबंधी और दमा में उड़द की दाल बहुत लाभदायक है। इसमें भरपूर मात्रा में आयरन, फॉलिक एसिड, कैल्शियम, मैग्‍नीशियम और पौटेशियम होता है।


रोटी है फायदेमंद

उत्तर भारत में रोटी सबसे महत्वपूर्ण और पोषक तत्वों से भरपूर आहार है। चाहे मल्टी ग्रेन आटे का रोटी के रूप में सेवन किया जाए या चक्की के आटे का, दोनों ही हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। रोटी के सेवन से शरीर में भरपूर मात्रा में फाइबर और कार्बोहाईड्रेट पहुंचता है। जिसके चलते बॉडी को पर्याप्‍त ऊर्जा मिलती है।


आहार में आंवला

आंवला का किसी भी रूप में सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। यह हमें कई तरह के स्वास्थ्य लाभ देता है। आंवला सबसे ज्यादा हमारी आंखों के लिए अच्छा होता है। इसमें काफी मात्रा में विटामिन सी होता है। इसमें फ्री रेडिकल फाईटिंग एंटीऑक्‍सीडेंट भी काफी ज्‍यादा होता है। जिससे कफ, खासी, आंखों की रोशनी सहित कई बीमारियों से बचा जा सकता है। आंवले का प्रयोग कई दवाओं में भी किया जाता है।


दही का सेवन


चाहे सर्दी हो या फिर गर्मी, दही का सेवन दोनों ही मौसम में करना चाहिए। दही में दूध से भी ज्यादा कैल्शियम होता है। यह हमारा पाचन तंत्र को दुरुस्त करने के साथ ही कई अन्य लाभ भी देता है। दही में निम्‍न कैलोरी होती है जिससे शरीर में फैट भी नहीं बढ़ता है।

पनीर का सेवन

पनीर में लगभग सभी ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं। पनीर को नॉन वेज का वैकल्पिक रूप कहा जा सकता है। जिन लोगों को वजन बढ़ाने की जरूरत होती है उन्हें पनीर का सेवन जरूर करना चाहिए। पनीर में कैल्शियम और प्रोटीन होता है। घर पर बने पनीर का सेवन, रेस्‍टोरेंट में मिलने वाले पनीर से ज्‍यादा फायदा करता है।

भारतीय रसोई में होते हैं वजन घटाने वाले ये 10 आहार

मोटापे पर काबू पाने के लिये सही खान-पान व व्यायाम दोनों ही जरूरी होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मोटापे को कम करने के लिये हर भारतीय रसोईं में ऐसे आहार मौजूद होते हैं, जिनका सेवन करके वजन‍ नियंत्रित कर सकते हैं।

भारतीय रसोईं में वजन घटाने वाले आहार

मोटापा कई बीमारियों की जड़ बनता है। अस्‍वस्‍थ खानपान और अनियमित दिनचर्या के कारण मोटापा पूरी दुनिया के लिये बड़ी समस्या

अदरक का सेवन करें

अदरक लगभग हर भारतीय रसोई में पाया जाता है। ये खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सर्दी जुखाम ठीक करता है और वजन भी कम करता है। यह टीएलसी तथा कोलेस्‍ट्रॉल के लेवल को संतुलित बनाने में मदद करता है जिससे हृदय संबंधी समस्‍याएं नहीं होती हैं। बनकर सामने आया है। मोटापे पर काबू पाने के लिये खान-पान का सही निर्धारण तथा व्यायाम दोनों ही जरूरी होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मोटापा कम करने या इसे बढ़ने से रोकने के लिये हर भारतीय रसोई में भी कई मददगार चीज़ें मौजूद हैं। तो चलिये आज आपको ऐसी ही कुछ चीज़ों के बारे में जानकारी देते हैं।

मूंग दाल है फायदेमंद

मूंग की दाए एक ऐसी चीज़ है जो लगभग हर भारतीय रसोई में पाई जाती है। ये दाल कई विटामिन जैसे विटामिन ए, बी, सी और ई तथा खनिजों जैसे कैल्शियम, आयरन और पोटेशियम से भरी होती है। इसका सेवन वजन कम करने व बेहतर स्वास्थ्य पाने की दृष्टी से लाभदायक होता है। 

ब्लैक बींस

ब्लेक बींस में ऐसे तत्व होते हैं जो कॉलेसिस्टॉकिनिन नाम के डाइजेस्टिव हार्मोन को लगभग दो गुना बढ़ाते हैं, इसलिये बींस को मोटापा घटाने के लिए अच्छा माना जाता है। साथ ही बींस ब्लड शुगर के स्तर को भी बनाए रखती हैं। ये हाई फाइबर डाइट भी मानी जाती हैं जो कॉलेस्ट्राल को कम करता है।

पालक खायें वजन घटायें

इस हरी पत्तेदार सब्जी में फाइबर, पानी, एंटीऑक्सिडेंट तथा विटामिन के और ए की उच्च मात्रा होती है। साथ ही इसमें मिनरल जैसे मैग्नीशियम, पोटेशियम और आयरन आदि भी होते हैं। इसके सेवन से मोटापा नहीं बढ़ता और शरीर स्वस्थ बनता है।  

खाद्य भाग के प्रति 100 ग्राम में पोषक मूल्य
• कैलोरी (किलो कैलोरी): 26
• प्रोटीन (ग्राम): 2
• कार्बोहाइड्रेट (ग्राम): 2.9
• वसा (ग्राम): 0.7
• आयरन (एमजी): 1.14                     
                       

चुकुंदर

इसे चाहे सलाद में काट कर खाइये या फिर इसका जूस पियें, ये बेहद फायदेमंद होता है। वजन कम करने के लिए चुंकदर एक बेहतर उपाय होता है। कच्चा चुकंदर या कम से कम 2 चुकंदर का जूस तैयार कर प्रतिदिन सुबह खाली पेट लिया जाए तो यह वजन करने में मददगार साबित होता है।


दाल-चावल खाने के ये हैं 5 जबरदस्‍त फायदें

           दाल-चावल खाने के ये हैं 5 जबरदस्‍त फायदें


उत्‍तर भारत समेत भारत के ज्‍यादातर हिस्‍सों में लोग दाल-चावल खाना पसंद करते हैं। दाल-चावल अपने आप में संपूर्भ भोजन होता है। इसे हर कोई खाना पसंद करता है। यह बहुत ही सिंपल और टेस्‍टी होता है। इसे बनाना काफी आसान होता है और ये बहुत कम समय में बन जाता है। हालांकि कुछ लोगों को दाल-चावल पसंद होता है जबकि तमाम लोग ऐसे भी हैं जो इसे नहीं खाते हैं। डायटीशियन डॉक्‍टर शिखा शर्मा के मुताबिक दाल-चावल पोषक तत्‍वों से भरे होते हैं। इसके कई बेनेफिट्स हैं, जिसे आप इस लेख में जान सकते हैं।

वज़न नियंत्रित रखे

वज़न कंट्रोल करने के लिए अक्सर लोग चावल खाना बिल्कुल छोड़ देते हैं। जबकि ये सही नहीं है। आप कभी-कभी दाल के साथ चावल खा सकते हैं। दरअसल, दाल चावल खाने से पेट जल्दी भरा हुआ लगता है, ये आपका वज़न कंट्रोल करने में मदद करेंगे। कोशिश करें कि वाइट की जगह ब्राउन राइस खाएं।

उर्जा का है स्‍त्रोत  

चावल में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। कार्बोहाइड्रेट शरीर को उर्जा देता है। जब आप चावल के साथ दाल मिलाकर खाते हैं तो आपको कार्बोहाइड्रेट और कई जरूरी विटामिन भी मिल जाते हैं।

प्रोटीन की अधिकता

शाकाहारी लोगों के लिए दाल प्रोटीन का बहुत अच्छा स्रोत है। वहीं चावल में भी प्रोटीन होते हैं। दाल और चावल में अलग-अलग प्रकार के प्रोटीन पाए जाते हैं। जब आप इन दोनों को मिवाकर खाते हैं तो ये एक हाई-प्रोटीन फूड हो जाता है। अगर आप रोज़ दाल चावल खाते हैं तो आपको अच्छा ख़ासा प्रोटीन इसी से मिल जाता है।

फाइबर

दाल-चावल में न सिर्फ प्रोटीन होता है बल्कि इसमें बहुत ज्यादा फाइबर भी होता है। फाइबर की हमारे शरीर को बहुत जरूरत होती है। फाइबर हमारे पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है, उसके काम में मदद पहुंचाता है। अगर आपको ब्लड शुगर की समस्या रहती है तो भी फाइबर आपके लिए जरूरी है।

पचाने में आसान

अक्‍सर जब घर में कोई बीमार होता है या पेट संबंधी कोई समस्या होती है तो उसे मूंग की दाल के साथ चावल खिलाए जाते हैं। दरअसल, दाल-चावल आपकी पाचन क्रिया को आराम देता है। इसमें पाए जाने वाले प्रोटीन आसानी से टूट जाते हैं, जिससे पाचन प्रक्रिया पर ज़ोर नहीं पड़ता।

बच्चों का जीतना चाहती हैं दिल? तो घर में बनाएं ये 5 रेसैपी

बच्चों का जीतना चाहती हैं दिल? तो घर में बनाएं ये 5 रेसैपी

खाने-पीने के मामलों में बच्चों को खुश करना और उनकी पसंद की चीजें बनाना अधिकतर महिलाओं के एक चैलेंज बना हुआ है। क्योंकि बच्चों का कब क्या खाने का मूड है, कब उनका टेस्ट बदल जाए और कब उनकी फेवरेट चीज अचानक से अनफेवरेट हो जाए कोई नहीं जानता। साथ ही खाने में बच्चों के लिए प्रोटीन और न्यूट्रीशन का भी पूरा ध्यान रखना पड़ता है। आज हम कुछ ऐसी डिश बता रहे हैं जो बच्चों की फेवरेट होती है। साथ ये आपको बेस्ट मॉम भी बनाती हैं। तो आइए जानते हैं वो डिश कौन सी हैं।

  1. फ्रूट कस्टर्ड बच्चों की फेवरेट होने के साथ ही हेल्दी भी होती है। इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता है।
  2. जब भी बच्चों को सलाद दें तो उसे कलरफुल बना कर दें। यानि कि इसमें स्प्राउटिड मूंग दाल और काबुली चने, कॉर्न, बादाम और किशमिश आदि डालकर देंं। बच्चे कलरफुल चीजों की तरह काफी आकर्षित होते हैं। ऐसे सलाद को बच्चे यकीनन काफी पसंद करेंगे।
  3. संडे वाले दिन अगर आप बच्चों को कहीं बाहर घुमाने नहीं ले जा पा रहे हैं तो घर पर केक बनाने का आॅप्शन बुरा नहीं है।
  4. बच्चे अधिकतर टिफिन खाने में आनाकानी करते हैं। ऐसी स्थिति में आप उन्हें ओट्स और बेसन के चीले बनाकर दे सकती हैं। टोमैटो केचअप के साथ बच्चे इसे चाव से खाते हैं।
  5. बच्चे रोटी सब्जी खाने से बचते हैं। ऐसे में आपकी जिम्मेदारी है कि आप किस तरह उन्हें हेल्दी और टेस्टी फूड दें। इसलिए आप बच्चों को टिफिन में वेजिटेबल परांठा, सैंडविच, फ्रूट ब्रेड, राइस केक, मफिन्स, फ्रूट और क्रैकर्स आदि दे सकते हैं।
  6. बच्चों को मिक्स वेजीटेबल कटलेट खूब पसंद आता है। अगर आपने आज तक इसे ट्राई नहीं किया है तो अब करें।